बिजनेस डेस्क: अगर आप एटीएम से बार-बार पैसे निकालते हैं, तो अब आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। बैंक जल्द ही एटीएम ट्रांजैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों को झटका लग सकता है। अगर यह नया नियम लागू होता है, तो निश्चित संख्या से ज्यादा बार एटीएम से पैसे निकालने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
क्यों बढ़ सकते हैं एटीएम चार्ज?
बैंक मेंटेनेंस कॉस्ट और साइबर सिक्योरिटी अपग्रेड का हवाला देकर एटीएम चार्ज में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
एटीएम से कैश निकालने की निशुल्क सीमा पार करने के बाद अधिक शुल्क वसूला जा सकता है।
कुछ बैंकों ने पहले ही नॉन-मेट्रो और मेट्रो शहरों में अलग-अलग चार्ज लागू कर दिए हैं।
क्या हो सकते हैं नए एटीएम चार्ज?
वर्तमान में, अधिकांश बैंक ग्राहकों को हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन (अपने बैंक के एटीएम से) और अन्य बैंकों के एटीएम से 3 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा देते हैं। इसके बाद 20 रुपये + GST प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज किया जाता है।
अगर नई दरें लागू होती हैं, तो यह शुल्क बढ़कर 25-30 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन हो सकता है।
कैसे बच सकते हैं ज्यादा चार्ज से?
✅ डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दें, ज्यादा कैश निकालने से बचें।
✅ बड़े अमाउंट की निकासी एक बार में करें, बार-बार छोटे अमाउंट निकालने से चार्ज ज्यादा लग सकता है।
✅ अपने बैंक के एटीएम का ही उपयोग करें, अन्य बैंक के एटीएम से ट्रांजैक्शन करने पर पहले ही चार्ज ज्यादा लगता है।
✅ नेट बैंकिंग और UPI ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल करें, जिससे कैश निकालने की जरूरत कम होगी।
ग्राहकों पर असर
अगर एटीएम चार्ज में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा। जो लोग नियमित रूप से कैश ट्रांजैक्शन करते हैं, उन्हें हर महीने अतिरिक्त पैसे देने होंगे।
बैंकों की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही नए चार्ज लागू किए जा सकते हैं। इसलिए सोच-समझकर एटीएम से पैसे निकालें और डिजिटल लेन-देन को प्राथमिकता दें!