बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत 10,225 शिक्षकों का तबादला किया है। इनमें बड़ी संख्या में वे शिक्षक शामिल हैं, जो गंभीर बीमारियों या विशेष परिस्थितियों से जूझ रहे हैं।
तबादले में किन शिक्षकों को प्राथमिकता मिली?
सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को तबादले में प्राथमिकता दी है:
226 शिक्षक कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।
937 शिक्षक किडनी, लीवर या हृदय रोग से जूझ रहे हैं।
2,685 शिक्षकों को दिव्यांगता के आधार पर स्थानांतरित किया गया है।
573 शिक्षक ऑटिज्म या मानसिक दिव्यांगता से ग्रस्त हैं।
516 विधवा या परित्यक्ता महिला शिक्षकों को भी नई जगह पोस्टिंग दी गई है।
5,288 महिला शिक्षकों को उनके पति के कार्यस्थल के अनुसार स्थानांतरित किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
शिक्षा विभाग ने यह कदम शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाया है, ताकि वे अपनी व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार कार्यस्थल प्राप्त कर सकें। यह नीति शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होगी।
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