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पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और सांसद चिराग पासवान ने रविवार को पटना में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहुंचे। इससे पहले मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में चिराग और नीतीश की मुलाकात नहीं हो पाई थी, लेकिन इफ्तार पार्टी में दोनों नेताओं की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा
बिहार की राजनीति में इफ्तार पार्टियां हमेशा से खास मायने रखती हैं, और इस बार चिराग पासवान की इफ्तार पार्टी भी राजनीतिक संकेतों से भरी रही। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और चिराग पासवान की यह मुलाकात गठबंधन राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है। हालांकि, इस दौरान कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई, लेकिन दोनों नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया।
दही-चूड़ा भोज में नहीं आ सके थे नीतीश
गौरतलब है कि जनवरी में मकर संक्रांति के अवसर पर चिराग पासवान ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था, जिसमें कई बड़े नेताओं ने शिरकत की थी। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस भोज में नहीं पहुंच सके थे, जिससे सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। लेकिन इफ्तार पार्टी में उनकी उपस्थिति ने राजनीतिक समीकरणों को फिर से गर्मा दिया है।
चिराग पासवान की सक्रियता बढ़ी
लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, और चिराग पासवान बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटे हैं। एनडीए गठबंधन में उनकी भूमिका को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में उनकी इफ्तार पार्टी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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