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जाको राखे साइयां मार सके न कोई बाल न बांका कर सके, जो जग बैरी होय :यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ हो गई शनिवार की सुबह प्रखंड के ररियाही पंचायत की सीमा के निकट बंसवारी में फेंके गए नवजात शिशु का बचना

बंसवारी में फेंका हुआ नवजात शिशु को गोद लेने वाले दंपति की सराहना की जा रही है।

दीपक कुमार शर्मा की रिपोर्ट 

मोरवा/समस्तीपुर, बिहार ( मिथिला हिन्दी न्यूज कार्यालय 03 मई,20 )। जाको राखे साइयां मार सके न कोई। बाल न बांका कर सके, जो जग बैरी होय।यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ हो गई शनिवार की सुबह प्रखंड के ररियाही पंचायत की सीमा के निकट हरप्रसाद वार्ड संख्या सात में।किसी पत्थर दिल, हृदय हीन लोगो ने शनिवार की अहले सुबह एक नवजात को जन्म देने के बाद बंसवारी के जंगल में फेंक दिया। कई घंटे तक बरसात में भींगते और रोते हुए नवजात शिशु की आवाज सुनकर जानकी पासवान के पुत्र रामनरेश पासवान एवं उसकी पत्नी शिव जानकी देवी ने उस सुनसान बंसवारी के जंगल में जाकर नवजात शिशु बालक को अपने घर में लाकर इलाज शुरू कराया। समाचार प्रेषण तक स्थानीय चिकित्सक से इलाज के बाद नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है। पांच पुत्रियों वाले नरेश पासवान एवं शिव जानकी देवी की गोद में नवजात शिशु बालक के आने से जहां संपूर्ण घर में खुशी छा गई है , वही संपूर्ण क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है। ररियाही पंचायत के मुखिया फूलन कुमार सिंह ने नवजात शिशु की देखरेख के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। किसी पत्थर दिल के द्वारा अपने बच्चे को जन्म देने के बाद बेरहमी से फेंक दिए जाने और उक्त दंपति द्वारा सहर्ष बच्चे को गोद ले लेने की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जुट गई है। चारों ओर क्षेत्र में नवजात शिशु को गोद लेने वाले दंपति की सराहना की जा रही है। समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा दीपक कुमार शर्मा की रिपोर्ट सम्प्रेषित । Published by Rajesh kumar verma

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