विमल किशोर सिंह
मिथिला हिन्दी न्यूज, सीतामढ़ी : लोक आस्था का महापर्व शनिवार के रोज सुबह के अर्घ्य के साथ समाप्त हो गया। चार दिवसीय छठ पर्व हिंदुओं का महान पर्व के रूप में जाना जाता है। पूरी निष्ठा एवं साफ सफाई के साथ छठ व्रती कार्तिक माह के प्रारंभ होते ही इस पर्व में जुट जाते हैं। अर्ध्य देने की जगह को सजाया जाता है। बच्चे बूढ़े जवान सभी अर्ध्य देने की जगह घंटों खड़े होकर भगवान भास्कर को नमस्कार करते देखे गए। प्रखंड क्षेत्र के पुरानी धार नदी के किनारे व्रतियों ने संध्या एवं सुबह का अर्घ्य प्रदान किया। छठ के गीत से पूरा इलाका गूंज रहा था। सैकड़ों की संख्या में मनौती के रूप में लोग घर से अर्ध्य देने की जगह दंड देते नजर आ रहे थे कहीं-कहीं सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखा गया था। स्थानीय प्रशासन द्वारा सभी घाटों पर दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त किया गया था ।