मिथिला हिन्दी न्यूज :- बेटी का होना किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। एक बेटी ही है जिसके साथ आप हंसते हैं, सपने देखते हैं और पूरे दिल से प्यार करते हैं। वह बेटी ही है जो बड़ी होकर आपकी सबसे अच्छी दोस्त बनती है। माँ बाप का बेटी के साथ जो रिश्ता होता है वो बाकी सभी रिश्तों से अलग ही होता है। नया उदाहरण उमरावती देवी ने महिला अपनी बीमार और बुजुर्ग मां बुचिया देवी को एंबुलेंस नहीं मिलने पर अपनी पीठ पर लादकर बरौली पीएचसी आई थी। बुजुर्ग महिला का इलाज करने के बाद उन्हें ऐसे ही वापस भेज दिया गया. इस दौरान उन्हें जाने के लिए न तो एंबुलेंस उपलब्ध कराया गया और न ही कोई गाड़ी मिली. इस परिस्थिति में उमरावती देवी बहादुरी दिखाते हुए अपनी मां बुचिया देवी को अपने गांव सुरवल से लगभग तीन किलोमीटर दूर बरौली पीएचसी तक पैदल ही पीठ पर लाद कर ले गई. इधर विडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमा में भगदड़ मच गया आनन फानन में इसकी जांच कराई जाएगी कि और आगे की कार्रवाई की जाएगी.