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रियल के बंटी-बबली! मिया बिछाता बिसात, बीवी बुर्के में छुपा ड्रग्स पहुंचाती थी 'बॉर्डर' पार

संवाद 

कानून की आंख में धूल झोंक कर पुलिस को चकमा देने के लिए अपराधी हर कदम पर नए-नए जुगाड़ तलाशता है. ऐसे ही एक मास्टरमाइंड ड्रग तस्कर ने गैंग में अपनी बीवी को ही शामिल कर लिया. मास्टरमाइंड का सोचना था कि बीवी के ड्रग तस्करी में शामिल होने से पुलिस को उसपर शक नहीं होगा.

यह अलग बात है कि हमेशा की तरह ही इस बार भी पुलिस ड्रग तस्कर से चार कदम आगे ही निकली. उत्तराखंड के देहरादून की पुलिस ने न केवल मास्टरमाइंड को दबोचा, बल्कि गैंग में शामिल उसकी बीवी को भी ड्रग की खेप के साथ गिरफ्तार किया. मियां-बीवी की इस जोड़ी को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की पुलिस ने पकड़ा है.

गिरफ्तार ड्रग दलाल मियां-बीवी का नाम अशरफ (31) और साबदा (24)है. मंगलवार को बातचीत करते हुए यह जानकारी देहरादून की पुलिस उपमहानिरीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने टीवी9 भारतवर्ष को दी. मिया-बीवी की इस ड्रग तस्कर जोड़ी को दबोचने के लिए देहरादून के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन में कई टीमें तैयार की गई थी. इन टीमों में विकास नगर क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष सहसपुर को भी शामिल किया गया था. 

इन टीमों ने सोमवार (6 फरवरी 2023) को टीमली धर्मावाला क्षेत्र थाना सहसपुर में बैरिकेड लगाकर, उत्तराखंड नंबर पर पंजीकृत एक सैंट्रो कार को जांच के लिए रोक लिया. कार की तलाश में अशरफ और साबदा के कब्जे से 510 ग्राम ड्रग की खेप मिली.

यूपी के सहारनपुर से जुड़े हैं अशरफ-साबदा के तार

दोनों को धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपियों को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया. गिरफ्तार ड्रग तस्कर दंपत्ति थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर का रहने वाला है. 

पूछताछ में आरोपी अशरफ ने बताया कि वो दिहाड़ी मजदूरी में रंग पेंट का काम करता हूँ. मिर्जापुर में ही उसकी जान-पहचान एक व्यक्ति से हुई जो स्मैक तस्करी का काम करता था. उसके संपर्क में आने के बाद जल्दी पैसा कमाने के लालच में अशरफ इस धंधे में पड़ गया. जब्त ड्रग की खेप को आरोपी बरेली से कम दाम पर खरीद कर ला रहा था. जब्त ड्रग की खेप को उत्तराखंड के इलाकों में ऊंची कीमत पर बेच देना था.

सीमा पार से ड्रग सप्लाई

जब्त स्मैक की खेप का कुछ हिस्सा तस्कर अशरफ सहसपुर क्षेत्र के ग्राम कुंजा ग्रांट में कुछ स्थानीय ड्रग पैडलर्स के भी हवाले करने वाला था. चूंकि उत्तराखंड की सीमाओं पर वहां की पुलिस का पहरा हमेशा कड़ा रहता है. विशेषकर उत्तराखंड पुलिस ने जब से ड्रग माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ा है तब से राज्य की सीमा के भीतर ड्रग पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है. 

लिहाजा, पुलिस की नजरों से बचने के लिए आरोपी ने कार में बीवी को भी बैठा लिया. इसके पीछे यह सोच थी कि महिला को कार में साथ बैठा देखकर पुलिस को जल्दी शक नहीं होगा. मगर पुलिस को पहले से ही खबर थी कि, ड्रग तस्कर अशरफ एक महिला के साथ ड्रग की खेप लेकर, उत्तराखंड की सीमा में पहुंचने की कोशिश में है.

ड्रग्स सप्लाई के लिए बीवी का इस्तेमाल

पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि वो ड्रग तस्करी के लिए पहली बार बीवी को साथ लेकर चला हो ऐसा नहीं है. अब से पहले भी उसने ड्रग तस्करी के लिए कई बार बीवी की इसी तरह से मदद ली थी. अब से पहले वो कभी भी बीवी के साथ गिरफ्तार नहीं हो सका था. इससे भी अशरफ का विश्वास और ज्यादा इस बात को लेकर बढ़ चुका था कि, औरत साथ होने पर पुलिस को उस पर जल्दी शक नहीं होगा. मगर यह उसकी गलतफहमी साबित हुई. और वो बीवी संग ड्रग तस्करी में गिरफ्तार कर लिया गया. 

अभियुक्त से पूछताछ के दौरान मिर्जापुर, बरेली के कुछ और बदनाम नशा तस्करों तथा, कुंजा ग्रांट के स्थानीय ड्रग पेडलर्स के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई है. जिनकी तलाश में देहरादून पुलिस ने छापेमारी शुरु कर दी है.

अशरफ और उसकी बीवी साबदा के कब्जे से जब्त ड्रग की कीमत 51 लाख रुपए आंकी गई है. पुलिस ने उस सैंट्रो कार को भी कब्जे में लेकर सील कर दिया है,जिसका इस्तेमाल यह जोड़ी ड्रग तस्करी के लिए करती थी. 

ड्रग तस्कर अशरफ के विरूद्ध पूर्व में थाना सहसपुर और थाना प्रेमनगर में भी मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मुकदमे दर्ज पाए गए हैं. ड्रग तस्कर अशरफ पहले भी जेल भेजा जा चुका है.

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