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कड़ाके की ठंड... पेड़ के नीचे पढ़ाई, समस्तीपुर के इस स्कूल की कब बदलेगी पिक्चर?


संवाद 


बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक (KK Pathak) जहां विद्यालय में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए नित नए प्रयोग कर रहे हैं वहीं समस्तीपुर से एक चकित करने वाली पिक्चर सामने आई है. जिले में ऐसे कई स्कूल हैं जहां कमरों के आभाव में एक वर्ग में कई कक्षाएं एक साथ तो कई में छात्र-छात्राएं इस कड़ाके की ठंढ में खुले आसमान में पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं.हम बात कर रहे हैं विद्यापतिनगर प्रखंड की बाजिदपुर पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बमौरा की जहां कड़ाके की ठंड में छात्र और शिक्षक तो आ रहे हैं लेकिन स्कूल में कमरों की कमी के चलते मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. इस ठंड में बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ाई करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं खुले आकाश के नीचे अलग-अलग कक्षा संचालन करने के लिए जमीन छोटी पड़ जाती है.इस विद्यालय में वर्ग एक से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं की संख्या 428 है जबकि वर्ग कक्ष सिर्फ तीन हैं. शिक्षकों की संख्या विद्यालय में 11 है. शिक्षक भी एक साथ दो-तीन वर्ग कक्ष के बच्चों को एक साथ पढ़ाने को मजबूर हैं. बता दें कि प्रतिदिन 300 से 350 बच्चे मौजूद रहते हैं.

बताया जाता है कि विद्यालय के लिए भूमि अभाव मुख्य समस्या है. 

पुराने समय के बने 3 कमरों में कार्यालय एवं वर्ग कक्ष चलता है. भवन अत्यंत जर्जर हो गया है. सर्दी, गर्मी में तो किसी तरह पेड़ की छाया तले बच्चों को शिक्षा दी जाती है. बरसात के दिनों में यह काम बच्चों व शिक्षकों के लिए अत्यंत पीड़ादायी हो जाता है. जगह की कमी होने के वजह से एमडीएम बरामदे पर बनती है. वही एमडीएम का चावल, बर्तन व गैस चूल्हे आदि एक रूम में रखा जाता है.विद्यालय के एचएम अभिमन्यु कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में भूमि का अभाव है. वर्ग कक्षों की संख्या कम है और छात्रों की संख्या अधिक है. इसके चलते बाहर पेड़ के नीचे पठन पाठन का काम कराया जाता है. एमडीएम बनाने में भी परेशानी होती है. विद्यालय की समस्याओं से विभाग को कई बार लिखित सूचना दी गई है. एसडीओ प्रियंका कुमारी ने बताया कि स्कूल की समस्याओं से जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत करवाकर जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा.

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