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कांग्रेस के दो और राजद के एक और विधायक ने बिहार में दिया झटका

पटना से अनूप नारायण सिंह
हाल ही में बिहार विधानसभा में राजद के तीन विधायकों ने पाला बदलकर जदयू का दामन थाम लिया था पहले बदलने वालों में शिवहर से विधायक चेतन आनंद मोकामा से विधायक नीलम देवी तथा लखीसराय जिले से आने वाले विधायक पहलाद यादव शामिल थे अभी इस झटके से रजत संभाले ही नहीं थी कि उसकी एक और विधायक संगीता देवी ने पार्टी को बाय-बाय करते हुए भाजपा का दामन थाम लिया है साथ ही साथ कांग्रेस के दो विधायकों ने भी भाजपा की ओर रुक किया है कांग्रेस के जिन दो विधायकों ने भाजपा का दामन थामा है उसमें मुरारी गौतम और पटना के विक्रम से विधायक सिद्धार्थ कुमार शामिल है।एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ बिहार में महागठबंधन को बड़ा झटका, बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेस-राजद के 3 विधायक।जिन विधायकों के कांग्रेस और राजद को छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की बात आ रही है उनमें कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ, कांग्रेस के ही विधायक मुरारी प्रसाद गौतम और राजद की विधायक संगीता देवी का नाम शामिल है.कांग्रेस के मुरारी गौतम महागठबंधन सरकार में मंत्री भी रहे थे और चेनारी विधानसभा से विधायक हैं. सिद्धार्थ सौरव विक्रम विधानसभा से विधायक हैं और अब पाला बदलकर बीजेपी जॉइन कर चुके हैं. राष्ट्रीय जनता दल की विधायक संगीता देवी मोहनिया विधानसभा से आती हैं.
खबर के मुताबिक राजद और कांग्रेस के कई सारे विधायक भाजपा और जदयू के संपर्क में है जो पाला बदल सकते हैं।
मोहनिया विधानसभा सीट पर वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी की संगीता कुमारी ने जीत हासिल की थी. वहीं मुरारी गौतम ने नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के ललन पासवान को मात देकर चेनारी सुरक्षित सीट पर जीत दर्ज किया। मुरारी गौतम ने जदयू उम्मीदवार को 17991 मतों से पराजित किया. उन्हें पिछली महागठबंधन सरकार में मंत्री भी बनाया गया था. कांग्रेस पार्टी ने दलित कोटे से उनका नाम मंत्रिमंडल के लिए तय किया था. वे अनुसूचित जाति के चमार तबके से ताल्लुक रखते हैं. वहीं कांग्रेस के सिद्धार्थ सौरव ने पटना के विक्रम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता था. वे भूमिहार जाति से आते हैं. पिछले कुछ समय से वे कांग्रेस से नाराज बताए जा रहे थे. पिछले महीने जब 28 जनवरी को नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोडा और भाजपा के साथ मिलाकर बिहार में सरकार बनाई तब से ही बिहार में कांग्रेस और राजद के कई विधायकों को टूटने के आसार व्यक्त किए गए. यहां तक कि 12 फरवरी को नीतीश कुमार के विश्वास मत पेश करने पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट कर दिया. उस समय भी कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ सौरव वहां नहीं गए थे. सिद्धार्थ सौरव, आबिदुर रहमान और विजय शंकर दुबे भी तब हैदराबाद नहीं गए थे. बाद में सिद्धार्थ सहित अन्य विधायक काफी खींचतान के बाद बिहार से हैदराबाद चले गए. उस समय भी यह आशंका जाहिर की गई कि जल्द ही कांग्रेस के 19 में से कई विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं.इस बीच, 12 फरवरी को जब नीतीश कुमार ने विधानसभा में विश्वास मत पेश किया तब कांग्रेस का कोई भी विधायक नहीं टूटा. वहीं राजद के चेतन आनंद, प्रहलाद यादव और नीलम देवी ने अपना पाला बदल लिया. तीनों ने राजद को झटका दिया और सत्ताधारी समूह को समर्थन कर दिया. इसके बाद तेजस्वी ने विधायकों के तोड़फोड़ के खिलाफ सदन में नीतीश कुमार सहित अपने विधायकों को जमकर लताड़ लगाई थी. हालांकि अब एक बार फिर से वैसा ही खेला हो गया है. 

एक बार फिर से बिहार में भाजपा ने विपक्ष को बड़ा झटका दिया है. इस बार भाजपा ने कांग्रेस और राजद के तीन विधायकों को अपने पाले में लाने में सफलता पाई है. इतना ही नहीं सूत्रों का कहना है कि कुछ और विधायक भी हैं जो कांग्रेस और राजद को छोड़कर सत्ता पक्ष के साथ आ सकते हैं. अभी तक कुल 6 विधायक पाला बदल चुके हैंराजद के चेतन आनंद, प्रहलाद यादव और नीलम देवी के बाद राजद की संगीता कुमारी का नाम शामिल हो गया है. वहीं कांग्रेस के सिद्धार्थ और मुरारी गौतम हैं जो अब एनडीए के समर्थन में हैं.

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