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बिहार में कम मतदान वाले क्षेत्रों को लेकर EC सख्त, 'विशेष प्लान' बनाने को दिया सुझाव


संवाद 


निर्वाचन आयोग (EC) ने बिहार के नगर आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को आगामी चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए उन संसदीय इलाकों में गहन अभियान प्रारंभ करने का आदेश दिया है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम था. मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को नई दिल्ली में हुए एक सम्मेलन में इस संबंध में आदेश दिया गया.
कम मतदान विषय पर आयोजित सम्मेलन में देश के चुनिंदा जिलों के नगर निगम आयुक्तों और डीईओ ने भाग लिया.मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने नगर निगम आयुक्तों और डीईओ को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाने और उसके अनुसार योजना बनाने को बोला. बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, तेलंगाना, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, जम्मू कश्मीर और झारखंड में 2019 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय औसत 67.40 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था.

बिहार के जिन संसदीय क्षेत्रों में पिछले लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय औसत से कम मतदान हुआ था

 उनमें पटना साहिब (45.80 प्रतिशत), नालंदा (48.79 प्रतिशत), काराकट (49.09 प्रतिशत), नवादा (49.73 प्रतिशत), जहानाबाद (51.76 प्रतिशत) और आरा (51.81 प्रतिशत) सम्मिलित हैं. इस सूची में औरंगाबाद (53.76 फीसदी), मधुबनी (53.82 फीसदी), महाराजगंज (53.82 फीसदी), बक्सर (53.95), सासाराम (54.72 फीसदी), सीवान (54.73 फीसदी) और मुंगेर (54.90 फीसदी) भी सम्मिलित हैं.वहीं, इस सम्मेलन में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, ठाणे, नागपुर, पटना साहिब, लखनऊ और कानपुर के नगर आयुक्तों के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश के चुनिंदा जिला चुनाव अधिकारियों ने हिस्सा लिया. सीईओ बिहार, सीईओ उत्तर प्रदेश, सीईओ महाराष्ट्र और सीईओ दिल्ली ने भी सम्मेलन में भाग लिया, जिसमें 7 राज्यों अर्थात् कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और पंजाब के सीईओ सम्मिलित हुए.


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