इसके बाद ही लोगों पर थाने में विभाग के सहायक अभियंता ने केस दर्ज करा दिया.
इस पूरे मामले में बिजली विभाग ने पांच नामजद और 50 अज्ञात लोगों पर वासुदेवा थाने में केस दर्ज करा दिया है. बिजली विभाग के सहायक अभियंता अवनीश कुमार की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई. बताया गया कि रामपुर गांव के लोगों के चलते लगभग ढाई घंटे बिजली बंद रही. इसमें साउथ बिहार बिजली कंपनी को 1,46,429 का नुकसान हुआ है. प्राथमिक में एक गधे की मृत्यु का भी जिक्र किया गया है. एफआईआर में रामपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विकास चंद्र पांडेय और सरपंच विष्णु देव पासवान के अलावा बीडीसी मंजू कुमारी और आलमगीर के अलावा आफताब को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. 50 अज्ञात के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गई है. मुखिया प्रतिनिधि विकास चंद्र पांडे ने शुक्रवार (20 सितंबर) को फोन पर बताया कि एक गधे की मृत्यु और एक अन्य गधे के जख्मी होने के बाद उसे बचाने गए दो लोग (धनजी रजक और डिप्टी रजक) भी जख्मी हो गए थे. हम लोगों ने पूरे प्रखंड की लाइट बंद नहीं कराई थी. हम लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारी को भी बुलाया था ताकि ऐसी घटना फिर ना हो क्योंकि पूर्व में भी दर्जनों मवेशियों की मृत्यु हो चुकी है. इसके बावजूद बिजली विभाग की तरफ से इफआईआर दर्ज करा दी गई. वासुदेवा थाना में गधे की मृत्यु के बाद शिकायत दर्ज कराने के लिए गए थे हम लोग लेकिन सनहा तक दर्ज नहीं किया गया. अब हम लोग अनुसूचित थाने (बक्सर) में आज मामला दर्ज कराने जा रहे हैं.