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CM नीतीश कुमार ने क्यों जोड़ा हाथ? माले विधायक से कहा- "विनती है, सदन चलने दीजिए"


संवाद 

 बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर माले विधायक से सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपील की। यह वाकया राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

क्या है पूरा मामला?

बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों द्वारा लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हो रही थी। बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच सीएम नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर माले विधायक से अपील की कि सदन की कार्यवाही को सामान्य रूप से चलने दिया जाए।

नीतीश कुमार ने क्या कहा?

सीएम नीतीश कुमार ने माले विधायकों से कहा –
"हम सभी को जनता ने चुनकर भेजा है, इसलिए सदन को चलने दें और चर्चा में भाग लें। मैं विनती करता हूं कि सदन को बाधित न करें।"

विपक्ष क्यों कर रहा था हंगामा?

माले विधायक और विपक्षी दल बेरोजगारी, शिक्षा, शिक्षक भर्ती, किसानों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।

सदन में क्या हुआ आगे?

नीतीश कुमार की इस अपील के बाद भी विपक्ष का विरोध जारी रहा और नारेबाजी तेज हो गई। स्पीकर को कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

राजनीतिक हलकों में हलचल

नीतीश कुमार द्वारा विपक्षी विधायकों से हाथ जोड़ने की अपील को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह सीएम की बेबसी को दिखाता है, जबकि समर्थकों का कहना है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सम्मान देते हैं और सदन में स्वस्थ चर्चा चाहते हैं।

विपक्ष ने क्या कहा?

माले और आरजेडी नेताओं ने इसे सरकार की कमजोरी बताते हुए कहा कि –
"अगर सरकार सही तरीके से काम कर रही होती, तो उसे इस तरह विनती करने की जरूरत नहीं पड़ती।"

➡ क्या आपको लगता है कि विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए या विरोध जारी रखना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं!


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